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चन्द्रशिला मन्दिर - रूद्रप्रयाग

चन्द्रशिला मन्दिर - रूद्रप्रयाग

चन्द्रशिला मन्दिर रूद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से 4000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। रूद्रप्रयाग जिला ऐसे तो अपने आप में एक बहुत सुन्दर पहाड़ी क्षेत्र है। यहां की जलवायु एवं मनोरम वादियां स्वच्छता से परिपूर्ण है। इसी में चंद्रशिला एक मनोरम पर्यटन स्थल है। गढ़वाल की हिमालय पर्वतमाला में स्थित रूद्रप्रयाग का एक धार्मिक महत्व है। चन्द्रशिला मन्दिर क्षेत्र के आस-पास झीलों के अद्भुत दृश्य, घास के मैदान बड़ी दूर-दूर तक देखे जा सकते हैं। यहीं पर नंदा देवी, त्रिशूल, केदार, बंदरपूंछ और चौखम्बा की चोटियों के अद्भुत दृश्य भी दिखाई देते हैं।

उत्तराखण्ड वास्तव में देवी-देवताओं के वास का एक बड़ा उदहारण है। यही कारण है इसे देवभूमि कहा जाता है यहां ऐसे अनेक उदहारण हैं कि यहां देवताओं के रहने के कई प्रमाण आज भी है। मान्यताओं के अनुसार यह वहीं जगह है जहाँ भगवान राम ने राक्षसों के राजा रावण को जीतने के बाद तप किया था। यहां की एक ओर भी मान्यता है कि चाँद के देवता, चन्द्रमा ने यहाँ अपना प्रायश्चित संपादित किया था। इस क्षेत्र में पर्यटक यहाँ स्केटिंग, स्कीइंग और पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। यहां का चंद्रशिला ट्रैक दर्शकों के बीच सबसे लोकप्रिय ट्रैकिंग मार्गों में से एक है। यह ट्रैकिंग मार्ग चोपटा से शुरू होकर तुंगनाथ तक 5 किमी की दूरी तय करता है। यहां की निरंतर खड़ी चढ़ाई ट्रैकिंग को कठोर, रोमांचक और मुश्किल बनाती है। यहां सर्दियों में मार्ग बंद रहता है। ट्रैकर्स अन्य मार्ग देवरिया ताल, दुग्गलबिट्टा, तुंगनाथ, चंद्रशिला के मार्ग से भी यहां पहुँच सकते हैं।