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गढ़वाल के तीर्थ स्थल

विश्वभर में देवभूमि के नाम से विख्यात उत्तराखण्ड का पर्वतीय क्षेत्र गढ़वाल मण्डल अपनी सुन्दरता के लिए जाना जाता है। देव मन्दिरों, यहां का रहन-सहन व पर्यटक स्थलों को एक सूत्र में पिरोकर इसकी रमणीकता को दर्शाता है। यहां जिला चमोली में बद्रीनाथ, रूद्रप्रयाग में केदारनाथ, उत्तरकाशी में गगोत्री, व यमुनोत्री चार पवित्र तीर्थ है। इसके अलावा हेमकुण्ड साहिब, महासू देवता हनोल, तुंगनाथ, आदीबद्री, धारी देवी, सुरकंडा माता, मां नन्दा देवी आदि देवी-देवताओं के तीर्थ स्थल है। ऐतिहासिक एवं तीर्थ नगरी हरिद्वार व ऋशिकेश भी यहीं पर विद्यमान है। पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना करने के पश्चात ही श्रद्धालुओं को तीर्थ के दर्शन कराये जाते है। गढ़वाल के तीर्थों की अपनी एक परम्परा है। यहां हर मन्दिर के अपने कारिदें (तीर्थ का काम-काज संभालने वाले) होते है। यह कारिदें तीर्थों की देखभाल व यहां की व्यवस्था देखते है। इस पवित्रता को निहारते हुए यहां के भूमि की मिट्टी की भी पूजा कि जाती है। इसीलिए यहां देश-विदेशों से पर्यटक एवं श्रद्धालु यात्रा पर आते है। जानकारों का मानना है कि देवभूमि उत्तराखण्ड प्रदेश के तीर्थों को यात्रा करने का अवसर बड़े सौभाग्य वालों को ही प्राप्त होता है। गढ़वाल के सुप्रसिद्ध कलाकार नरेन्द्र सिंह नेगी ने अपने रचनाओं में लिखा भी है ‘धरती हमारा गढ़वाल की, सच्च मेरों दी ली स्वाणीका ओ....।